दुनिया भर में सबसे बड़ा साइबर अटैक, ना यूज करें पब्लिक WI-FI, पढ़ें बचने के 10 तरीके

भारत समेत दुनिया भर में एक बार फिर से बड़ा साइबर अटैक हुआ है. ‘वानाक्राई रैनसमवेयर’ जैसे वायरस ने दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया है. इस साइबर अटैक के चलते भारत के सबसे बड़े मुंबई स्थित कंटेनर पोर्ट जवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (JNPT) समेत दुनिया की 20 बड़ी कंपनियों का कामकाज ठप हो गया. इस साइबर अटैक से बचने के लिए कुछ उपाय हैं, यहां पढ़ें…

1. यह वायरस घर पर कंप्यूटर का इस्तेमाल करने वालों पर इसका असर कम ही होगा. वानाक्राई ने बिना अपटेड किए गए विंडोज़ के ज़रिए बिज़नेस नेटवर्क को अपना निशाना बनाया है. घर में विंडोज़ इस्तेमाल करने वालों के लिए ये ख़तरा नहीं होगा.

2. ऑफिस या इंस्टीट्यूट जो भी इस रैनसमवेयर की चपेट में आए हैं और जिनके पास अनलॉक की गई फाइलों का बैकअप कंप्यूटर से अलग किसी ड्राइव में नहीं है तो दुर्भाग्य से अब वो उन्हें खो चुके हैं. इसीलिए फाइलों का किसी अलग ड्राइव या मशीन में बैकअप होना जरूरी होता है. अगर वानाक्राई आपके कंप्यूटर में है तो इसे हटाना संभव है, हालांकि प्रक्रिया सरल नहीं है.

3. एक टेक्निकल सपोर्ट वेबसाइट ब्लीपिंग कंप्यूट र के अनुसार, कंप्यूटर से इस वायरस को साफ करने के लिए कुछ प्रोग्राम डाउनलोड करने पड़ते हैं.

4. इंटरनेट पर गिफ्ट, ऑफर, सेक्स वीडियो, गेमिंग आदि के लिंक के जरिए हैकर्स इस वायरस को कंप्यूटर में डालकर सिस्टम को हैक कर लेते हैं. एक बार हैकिंग के बाद इससे छुटकारा पाना संभव नहीं है.

5. इस अटैक से बचने के लिए अपने ऑनलाइन अकाउंट के लिए ऐसे पासवर्ड बनाए जिन्हें डिकोड करना मुश्किल हो. रैनसमवेयर साइबर अटैक से खुद को कैसे बचाएं

6. अगर आप पुराने विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम जैसे XP, 8 या विस्टा का उपयोग कर रहे हों तो उसे अपडेट कर लें. माइक्रोसाफ्ट ने विशेष सिक्यॉरिटी पैच जारी किए हैं.

7. सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी तरह के मेल के साथ आने वाले रार, जीप या इस तरह के कंप्रेश फाइल को खोलने से पहले सुनिश्चित कर लें कि यह सही हैं. अनजाने मेल या लॉटरी से संबंधित मेल को किसी भी तरह खोलने की कोशिश न करें.

8. अपने सिस्टम में एंटी वायरस, एंटी फिशिंग, एंटी मालवेयर को तत्काल अपडेट कर लें. अंतिम सुझाव फिर से कि किसी भी अनजाने मेल या किसी वेबसाइट के अनजाने लिंक को खोलने से पहले सौ बार सोचें.

9. जिस कंप्यूटर पर एक से ज्यादा यूज़र बैठते हैं, उसका इस्तेमाल ना करें. इसके अलावा पब्लिक वाई-फाई का इस्तेमाल भी ना करें, तो बेहतर होगा.

10. आपको बता दें कि आमतौर पर कई मालवेयर, जिन्हें हम अक्सर वायरस कहते हैं, आपके कंप्यूटर में गलत तरीके से घुस जाते हैं. अक्सर इनका उद्देश्य या तो आपके कंप्यूटर के डाटा को चुराना होता है या फिर उसे मिटाना. लेकिन रैनसमवेयर आपके सिस्टम में आकर आपके डाटा को ‘इनक्रिप्ट’ यानी लॉक कर देता है. यूजर तब तक इसमें मौजूद डेटा तक नहीं पहुंच पाता जब तक कि वह इसे ‘अनलॉक’ करने के लिए रैनसम यानी फिरौती नहीं देता. ये मालवेयर ईमेल के जरिए फैलता है.

Source: http://aajtak.intoday.in

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