एक करोड़ लोगों का बैंक अकाउंट डाटा लीक, दिल्ली में गिरोह का पर्दाफाश

नई दिल्ली. राजधानी में पुलिस ने एक गिरोह का पर्दाफाश कर एक करोड़ लोगों का बैंक अकाउंट डाटा लीकहोने का खुलासा किया है। लोगों की क्रेडिट-डेबिट डीटेल और फेसबुक-वॉट्सऐप डाटा जैसी सेंसिटिव इन्फॉर्मेशन भी बेचे जाने की बात भी सामने आई है। गिरोह के मास्टरमाइंड को अरेस्ट कर लिया गया है।बैंक ऑफिशियल्स की मिलीभगत से चलाया जा रहा था गिरोह…
– न्यूज एजेंसी के मुताबिक डीसीपी (साउथ-ईस्ट) रोमिल बानिया ने शुक्रवार को बताया, “दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में रहने वाली एक बुजुर्ग महिला (80) के केस की जांच करते हुए यह मामला सामने आया। जिसके बाद पुलिस ने बैंक ऑफिशियल्स की मिलीभगत से चलाए जा रहे इस गिरोह का पर्दाफाश किया। इस गिरोह में बैंक में काम करने वालों और कॉल सेंटर्स से जानकारी निकलवाई जाती थी और फिर उसे बेच दिया जाता था। गिरोह ने बुजुर्ग महिला के क्रेडिट कार्ड से 1.46 लाख रुपए उड़ा लिए थे।”

Q&A

– कौन-सी जानकारियां बेची जा रही थीं?
– पुलिस के मुताबिक जांच में यह सामने आया कि लोगों के बैंक खाते, क्रेडिट-डेबिट से जुड़ी जानकारियां बेची जा रही थीं। इनमें लोगों का कार्ड नंबर, उनका नाम, डेट ऑफ बर्थ और मोबाइल नंबर जैसी इन्फॉर्मेशन शामिल थीं।

– कितने में बेचा जाता था डाटा?

– गिरोह के मास्टरमाइंड ने पूछताछ में उसने बताया कि 50 हजार लोगों का डाटा बेचने के वह महज 10 से 20 हजार रुपए लेता था। गिरोह डाटा को अक्सर बल्क में बेचता था। बैंक अकाउंट, क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड के डिटेल्स, फेसबुक और वॉट्सऐप डाटा 10 से 20 पैसे प्रति कस्टमर के हिसाब से बेचे जाते थे।

लोगों को अपने जाल में कैसे फंसाता था गिरोह?

– गिरोह के लोग बैंक इम्प्लॉई बन लोगों को फोन करते थे, उनसे संदिग्ध लेनदेन को कन्फर्म करने की बात कहते थे और इस बहाने उनसे डिटेल (CVV-कार्ड वेरिफिकेशन वैल्यू नंबर और OTP)जल्द शेयर करने को कहते थे। यह जानकारी मिलने के बाद वह उनके अकाउंट से पैसे निकालने में कामयाब हो जाते थे। गिरोह के पास पहले से बैंक अकाउंट होल्डर की कुछ डिटेल होती थी जिससे लोग इन पर भरोसा कर फंस जाते थे। गिरोह कार्ड ब्लॉक जैसे बहाने बना कर लोगों से पासवर्ड पता करता था। ज्यादातर सीनियर सिटीजन को टारगेट करता था। गिरोह लोगों को लालच भी देता था।

– कितने लोगों को अरेस्ट किया गया?

– पुलिस ने पांडव नगर के रहने वालेपूरण गुप्ता को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह का मास्टरमाइंड है। कई लोगों से अभीपूछताछजारी है। इस मामले में मुंबई के एक सप्लायर की भी तलाश जारी है जिससे गुप्ता ने एक बार डाटा खरीदा था। मास्टरमाइंड को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने एक करोड़ लोगों के बैंक अकाउंट्स की जानकारी रिकवर की है।

Source: http://m.bhaskar.com

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