AIIMS की रिपोर्ट में जयललिता की मौत को लेकर सामने आया अहम राज

नई दिल्ली (जेएनएन)। तमिलनाडु की दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता के संबंध में एम्स ने अपने डॉक्टरों की रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है। रिपोर्ट में जयललिता की स्वास्थ्य स्थिति का विश्लेषण दर्ज है। इसमें जे जयललिता की मौत को लेकर नया राज सामने आया हुआ है। एम्स की डॉक्टरों की रिपोर्ट के मुताबिक दिल का दौरा पड़ने से एक दिन पहले जयललिता पूरी तरह होश में थीं। दिल का दौडरा पड़ने के बाद उनकी हालत नाजुक हो गई और जिससे उनकी मौत हो गई थी। जयललिता के इलाज से जुड़ी रिपोर्ट पहली बार सोमवार को सार्वजनिक की गई।
चेन्नई के अपोलो अस्पताल में तीन दिसंबर की सेवाओं पर दी गई रिपोर्ट में डॉक्टर जीसी खिलनानी और तीन अन्य डॉक्टरों ने कहा है कि वह पूरी तरह होश में थीं, वह कुर्सी पर करीब 20 मिनट तक बैठ सकती थीं, लेकिन खड़ी नहीं हो पा रही थीं क्योंकि मांसपेशियों में कमजोरी थी। राज्य सरकार की ओर से अपोलो के डॉक्टरों की रिपोर्ट सार्वजनिक किया गया है।

एम्स के उप निदेशक (प्रशासन) वी. श्रीनिवास ने बताया कि तमिलनाडु सरकार के अनुरोध पर एम्स डॉक्टरों की टीम ने पांच अक्टूबर से छह दिसंबर, 2016 के दौरान पांच बार चेन्नई का दौरा किया था। इस टीम का नेतृत्व डॉ. जीसी खिलनानी ने किया था। राज्य सरकार ने अपने आधिकारिक रिकॉर्ड के लिए रविवार को डॉक्टरों की उक्त टीम के विजिट नोट्स की मांग की थी।
लिहाजा, सोमवार को उन्होंने ये दस्तावेज तमिलनाडु के प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) डॉ. जे. राधाकृष्णन को सौंप दिए। इस कदम को इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि विभिन्न वर्गो की ओर से अन्नाद्रमुक की पूर्व प्रमुख की मौत को लेकर संदेह व्यक्त किया जा रहा है।
गौरतलब है कि रविवार को ही तमिलनाडु सरकार ने विद्रोही अन्नाद्रमुक नेता और पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम के उस दावे को खारिज किया है जिसमें उन्होंने जयललिता के इलाज में गड़बड़ करने का आरोप लगाया था।
एम्स की टीम के मुताबिक जयललिता को फिजियोथेरेपी कराने की सलाह दी गई थी। लेकिन उनकी पॉलीन्यूरोपैथी की गंभीर बीमारी के इतिहास को देखते हुए उन्हें पूरी तरह ठीक होने में कई सप्ताह से लेकर कई महीने लग सकते थे। टीम उसी दिन दिल्ली वापस चली गई और फिर चौथी बार पांच दिसंबर को वापस चेन्नई लौटी।
एम्स की टीम के पहुंचने पर बताया गया कि चार दिसंबर को शाम साढ़े चार बजे जयललिता को दिल का दौरा पड़ा था और उन्हें 45 मिनट तक होश में लाने की कोशिश की गई, फिर उनके सीने पर मालिश की गयी और उन्हें ईसीएमओ और बाहर से लगने वाले पेसमेकर पर रखा गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि उनके शरीर का तापमान हमेशा सामान्य से कम रहता था और उनका लगातार हेमोडायलिसिस हो रहा था।
रिपोर्ट के मुताबिक जयललिता को पांच-सात दिन से बुखार और आंतों की समस्या हो रही थी।जब उन्हें भर्ती कराया गया तो परीक्षण में कई बीमारियां और संक्रमण सामने आए। उसे देखते हुए 18 डॉक्टरों की एक टीम बनायी गयी और एम्स टीम सहित 13 डॉक्टरों की सलाह लेकर उनका इलाज किया जा रहा था।

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